“पाँच बेहतरीन कहानियाँ –
“”मेरे दिमाग़ में हर समय बाऊजी के कहे शब्द बजते रहते हैं। ‘मुझे मार डाल बेटा! अब और नहीं सहा जाता!’ वे माँ के सामने ऐसे शब्द नहीं बोलते। मैं रातों को नींद से हड़बड़ा कर उठ बैठता हूँ दुःस्वप्न मुझे परेशान किये रहते हैं। कभी मुझे महसूस होता है कि मैंने बाऊजी के चेहरे पर तकिया रख कर उनका दम घोंट दिया है तो कभी उन्हें मुक्ति दिलवाने के लिए बेहिसाब नींद की गोलियाँ खिला देता हूँ। मुझे समझ ही नहीं आता कि मैं करूँ क्या!””
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“पाँच बेहतरीन कहानियाँ –
“”मेरे दिमाग़ में हर समय बाऊजी के कहे शब्द बजते रहते हैं। ‘मुझे मार डाल बेटा! अब और नहीं सहा जाता!’ वे माँ के सामने ऐसे शब्द नहीं बोलते। मैं रातों को नींद से हड़बड़ा कर उठ बैठता हूँ दुःस्वप्न मुझे परेशान किये रहते हैं। कभी मुझे महसूस होता है कि मैंने बाऊजी के चेहरे पर तकिया रख कर उनका दम घोंट दिया है तो कभी उन्हें मुक्ति दिलवाने के लिए बेहिसाब नींद की गोलियाँ खिला देता हूँ। मुझे समझ ही नहीं आता कि मैं करूँ क्या!””
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| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Tejendra Sharma (तेजेन्द्र शर्मा) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 84 |
| Year/Edtion | 2013 |
| Subject | Collection of Short Stories |
| Contents | N/A |
| About Athor | "तेजेन्द्र शर्मा – " |
















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