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Kyun Vishwas Karoon (क्यों विश्वास करूँ)
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| क्यों विश्वास करूँ – दलितों के दलन-दमन, अपमान-तिरस्कार, उपहास-निन्दा और उपेक्षा-बहिष्कार की नीति से संचालित षड्यन्त्रकारी ब्राह्मणवादी सामाजिक व्यवस्था के नियामक कारकों के विरुद्ध नकार और विद्रोहकारी प्रश्नाकुलता इस संग्रह की कविताओं की मूलभूत विशेषता है। अकारण नहीं है कि इस संग्रह का नाम भी प्रश्नमूलक है। संग्रह का शीर्षक कविता के ब्राह्मणवादी व्यवस्था के विरुद्ध प्रश्नात्मक नकार है। |
| author | Surajpal Chauhan (सूरजपाल चौहान) |
|---|---|
| publisher | Vani Prakashan |
| language | Hindi |
| pages | 68 |














