| भारतभूषण अग्रवाल और उनका काव्य – प्रयोगवाद व नयी कविता की व्यक्तिपरक काव्यधारा में भारत जी की अग्रचेता भूमिका रही है। भारत जी का काव्य कवि की काव्य ऊर्जस्विता, अजेय आत्मविश्वास और काव्य शिल्प की निराली भंगिमा के कारण अपना वैशिष्ट्य रखता है। जीवन के प्रति अशेष प्रेम, लालसा, अहंबोध, साथ ही ‘पराजय’ व उसका संत्रास भोगते हुए भी अपनी अटूट विश्वसनीयता के कारण भारत जी का काव्य जन-जन में स्पन्दन उत्पन्न करने में समर्थ है। प्रस्तुत ग्रन्थ कवि भारतभूषण जी की काव्य सम्पदा को सही सन्दर्भों में विवेचित करेगा। इसी लक्ष्य को सामने रखकर डॉ. मीना आहुजा ने इस शोधपरक ग्रन्थ की रचना की है। आशा है सुधीजन इसका स्वागत करेंगे। |
| author | Meena Ahuja (मीना आहुजा) |
|---|---|
| publisher | Vani Prakashan |
| language | Hindi |
| pages | 103 |













