| बकुल – बकुल, यानि उपन्यास का नाटक। वह ईमानदार, जोशीला, व मेहनती पुलिस अधिकारी है। नायकत्व के गुण उसमें कूट-कूट कर भरे हैं। वह गोपनीय सूचनाओं को एकत्रित कर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ़्तार करता है। आम लोगों के लिए तो वह मसीहा है जबकि खतरनाक अपराधियों, भ्रष्ट राजनेताओं व व्यापारियों के लिए ज़िन्दा दहशत है। बकुल से पीछा छुड़ाने के लिए माफिया, भ्रष्ट राजनीति व व्यापारी हर ग़लत तरीक़े का इस्तेमाल किया। उन्होंने बकुल को पैसे का प्रलोभन, राजनैतिक दबाव उसका स्थानान्तरण कराने का प्रयत्न किया गया यहाँ तक उसे मार डालने के लिए सुपारी भी दी गयी। ‘बकुल’ उपन्यास ईमानदार पुलिस अधिकारी और असामाजिक तत्वों के बीच एक जंग की कहानी है। सत्य घटनाओं पर आधारित इस उपन्यास में लेखक ने अपने वर्षों के पुलिस सेवा के अनुभवों को समाविष्ट किया है। |
| author | Dr. Nazrul Islam Translated By Madhavi (डॉ. नज़रुल इस्लाम, अनुवाद माधवी ) |
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| publisher | Vani Prakashan |
| language | Hindi |
| pages | 328 |













