| पूर्व राष्ट्रपति रामस्वामी वेंकटरमन की किताब ‘माई प्रेसिडेंशियल इयर्स’ कई मायने में बेजोड़ है। पहली बार किसी पूर्व राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा इस ढंग से प्रस्तुत किया है। इस कारण पुस्तक में रोचक तथ्यों के अलावा कई ज्ञानवर्द्धक बातें भी हैं। राष्ट्रपति और राष्ट्रपति भवन के बारे में आम जिज्ञासा भी इस पुस्तक से दूर होती है।
हिन्दी तो क्या, किसी भी भाषा में अब तक ऐसी पुस्तक उपलब्ध नहीं थी । इसलिए ‘माई प्रेसिडेंशियल इयर्स’ का हिंदी अनुवाद ‘जब मैं राष्ट्रपति था’ पेश करते हुए हमें अपार खुशी हो रही है। अंग्रेजी संस्करण बाजार में आने के बाद काफी चर्चित हुआ है। पर दुर्भाग्य से पुस्तक की मूल खासियत पर चर्चा नहीं हुई। हम उम्मीद करते हैं कि यह पुस्तक हिंदी भाषी लोगों को काफी रुचिकर लगेगी । रामस्वामी वेंकटरमन पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने चार प्रधानमंत्रियों का कार्यकाल देखा । इनमें तीन प्रधानमंत्री दो साल के अंदर आए, गए। ऐसे में श्री वेंकटरमन का कार्यकाल राजनीतिक तौर पर भी काफी महत्वपूर्ण है। इस नाते उनके कार्यकाल का यह संस्मरणात्मक लेखा-जोखा हिंदीभाषी पाठकों के लिए काफी उपयोगी होगा । पुस्तक का अनुवाद हिंदी दैनिक जनसत्ता में उपसंपादक संजयकुमार सिंह ने किया है और इसका पुनरीक्षण कवि एवं संपादक रामकुमार कृषक ने किया है। हम इसके लिए दोनों के आभारी हैं और उम्मीद करते हैं कि पुस्तक का यह हिंदी संस्करण पाठकों को पसंद आएगा। |
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Jab Main Rashtarapati Tha (जब मैं राष्ट्रपति था )
Original price was: ₹1,295.00.₹841.00Current price is: ₹841.00.
| author | Ramswami Venkatraman, Translator – Sanjaykumar Singh, Reviewer – Ramkumar Krishak (रामस्वामी वेंकटरमन, अनुवादक – संजयकुमार सिंह, पुनरीक्षक – रामकुमार कृषक ) |
|---|---|
| publisher | Vani Prakashan |
| language | Hindi |
| pages | 512 |














