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Rajbhasha Hindi (राजभाषा हिन्दी)
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“‘राजभाषा’ के रूप में हिन्दी का विकास मात्र भारतीय संविधान के निर्माण के साथ ही प्रारम्भ नहीं हुआ था वरन् उससे बहुत पहले विभिन्न रूपों में हो चुका था।
प्रस्तुत पुस्तक में राजभाषा के इतिहास और उसके सवैधानिक विकास के साथ ही उसकी वर्तमान स्थिति को स्पष्ट किया गया है।
भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा इस दिशा में जो विभिन्न प्रयास किये गये हैं, उनका संक्षिप्त विवरण भी इस पुस्तक में है।
राजभाषा हिन्दी
राजभाषा के रूप में हिन्दी में रुचि रखने वाले जिज्ञासुओं तथा विद्वानों के लिए एक उपयोगी पुस्तक।
”
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Dr. Kailashchandra Bhatia (डॉ. कैलाशचन्द्र भाटिया) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 132 |
| Year/Edtion | 2024 |
| Subject | Linguistics |
| Contents | N/A |
| About Athor | "डॉ. कैलाशचन्द्र भाटिया – भाषाविज्ञान तथा हिन्दी भाषा के विविध पक्षों पर अनुसन्धान के साथ-साथ साहित्य की नवीन विधाओं की ओर प्रवृत्त। 'महामना मालवीय', 'मातलि', 'अयोध्याप्रसाद खत्री', 'विशिष्ट तथा अनुशंसा' आदि अनेक पुरस्कारों से सम्मानित। 'हिन्दी भाषा में अक्षर तथा शब्द की सीमा' पर सर्वोच्च शोध-कार्य के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय से स्वर्णपदक प्राप्त। रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ इंग्लैंड के फेलो। आगरा एवं अलीगढ़ विश्वविद्यालयों, लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादेमी, मसूरी तथा वृन्दावन शोध-संस्थान से सम्बद्ध रहे। भारत सरकार के अनेक मन्त्रालयों की राजभाषा सलाहकार समितियों के सदस्य। प्रकाशित रचनाएँ हिन्दी भाषा-शिक्षण; हिन्दी भाषा के अध्येता; ब्रजभाषा तथा खड़ी बोली का तुलनात्मक अध्ययन; हिन्दी में अंग्रेजी आगत शब्दों का भाषातात्त्विक अध्ययन; हिन्दी भाषा में अक्षर तथा शब्द की सीमा, हिन्दी साहित्य का वृहद् इतिहास : अद्यतन खण्ड (सं.); उभरी-गहरी रेखाएँ (सं.); भाषा-भूगोल; शब्द श्री; संक्षेपण तथा विस्तारण; अखिल भारतीय प्रशासनिक कोश; अंग्रेज़ी-हिन्दी अभिव्यक्ति कोश; अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्दों का ठीक प्रयोग; अनुवाद कला : सिद्धान्त और प्रयोग; कामकाजी हिन्दी व्यावहारिक हिन्दी; हिन्दी काव्य-भाषा की प्रवृत्तियाँ, रोड कृत राउलवेल; हिन्दी साहित्य की नवीन विधाएँ; विधा- विविधा; हिन्दी की बेसिक शब्दावली। " |
















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