“प्रणाम –
अपने पहले उपन्यास ‘प्रणाम’ के साथ अरुण अस्थाना समकालीन कथा- जगत् में अपनी विशिष्ट सर्जनात्मक सम्भावनाओं के साथ प्रवेश कर रहे हैं।
अजीत और भाईजी जैसे दो प्रमुख पात्रों और दूसरे बहुरंगी चरित्रों के माध्यम से उन्होंने न केवल आज को भ्रष्ट और हिंसक स्थितियों का भयावह विमर्श विकसित किया है, बल्कि उसी के साथ, दिशाहीनता, समस्याओं से रू-ब-रू होने की अनिच्छा और सिर्फ़ वर्तमान में जीने की सीमाबद्धता से आक्रान्त नयी पीढ़ी के संकट को भी बख़ूबी हुमाए है। समकालीन साहित्य में अजीत जैसे पात्र की परिकल्पना दुर्लभ कोटि की रचनाशीलता की अपेक्षा रखती है।
“
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Arun Asthana (अरुण अस्थाना) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 155 |
| Year/Edtion | 2011 |
| Subject | Novel |
| Contents | N/A |
| About Athor | "अरुण अस्थाना – |












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