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Pita Bhi To Hote Hai Maan (पिता भी तो होते हैं माँ)

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“इस संकलन की सभी कविताएँ एकान्त में दिया गया कवयित्री का निजी हलफनामा हैं। इनमें कोई कल्पना नहीं है, अपितु जीवनानुभवों की काव्यमय प्रस्तुति है । स्त्री का दर्द, एक स्त्री ही लिख सकती है, समझ सकती है । हम पुरुषों की औकात के बाहर है उनकी भीतरी दुनिया को जानना – समझना। ‘रविवार का दिन’, जैसी श्रेष्ठ अनुभवजनक कविता, केवल स्त्री, हाँ, केवल एक नौकरी पेशा स्त्री ही लिख सकती है। जिस तरह से यह कहा जाता है कि दलित साहित्य कोई गैर-दलित नहीं लिख सकता है, वैसे ही मेरा दावा है कि स्त्री साहित्य भी कोई पुरुष नहीं लिख सकता, बिल्कुल नहीं लिख सकता ।
प्रो. कालीचरण स्नेही

डॉ. रजत रानी ‘मीनू’ की कविताओं से गुजरना दण्डकारण्य से गुजरने जैसा गझिन अनुभव है- कहीं तीक्ष्ण धूप, कहीं सघन छाँव, देसी जड़ी-बूटियों की तरल गन्ध से नहाई हुई छाँव, कहीं तीर-तरकश, कहीं-कहीं बाबा आम्टे का आश्रम, कहीं बच्चों को स्कूल और जीवन के बृहत्तर पाठों के लिए तैयार करती सजग-सरल मातृदृष्टि, भेदभावरहित नये समाज की संरचना बुनती मातृदृष्टि !

डॉ. अनामिका

Author

Weight 0.5 kg
Dimensions 22.59 × 14.34 × 1.82 cm
Author

Rajat Rani Meenu (रजत रानी मीनू )

Language

Hindi

Publisher

Vani Prakashan

Pages

184

Year/Edtion

2015

Subject

Poetry

Contents

N/A

About Athor

"रजत रानी ' मीनू'
जन्म : शाहजहाँपुर (उ.प्र.) के जौराभूड़ नामक गाँव में ।
शिक्षा : एम. फिल. (नवें दशक की हिन्दी दलित कविता पर अम्बेडकर का प्रभाव), पीएच. डी. (हिन्दी दलित कथा-साहित्य का आलोचनात्मक मूल्यांकन); जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली । पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च अवार्ड (यूजीसी) – (हिन्दी दलित साहित्य में स्त्रियों के विविध प्रश्न) ।
प्रकाशित पुस्तकें : हिन्दी दलित कविता, हिन्दी दलित कथा-साहित्य : अवधारणा और विधाएँ (आलोचना); हम कौन हैं (कहानी संग्रह); हाशिए से बाहर (सम्पादित कहानी-संग्रह); अन्याय कोई परम्परा नहीं (सह-सम्पादन); (आत्मकथा शीघ्र प्रकाश्य) ।
पत्र-पत्रिकाएँ : हंस, कादम्बिनी, हिन्दुस्तान, राष्ट्रीय सहारा, अन्यथा, अपेक्षा, बयान, वसुधा, अंगुत्त, युद्धरत आम आदमी, इंडिया टुडे आदि पत्र-पत्रिकाओं में कहानियाँ, कविताएँ, आत्मकथांश एवं समीक्षाएँ प्रकाशित । अनेक प्रकाशित हिन्दी ग्रन्थों में शोध-पत्र संकलित ।
सम्मान : इंटरनेशनल अवार्ड द्वारा अम्बेडकर लिटररी विजन न्यूजर्सी अमेरिका, 5 जुलाई 2014 पेरिस (फ्रांस); 'नवें दशक की हिन्दी दलित कविता' पुस्तक पर मध्य प्रदेश दलित साहित्य अकादमी, उज्जैन द्वारा पुरस्कृत । सम्प्रति : प्रभारी – हिन्दी विभाग, कमला नेहरू कॉलेज, खेल गाँव, नयी दिल्ली ।

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