“आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश का आम आदमी सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा से दूर है। ऐसे में, यह होमियोपैथिक ग्रन्थ आम जनों के चिकित्सा हितों को पुष्ट करते हुए होमियोपैथी के विशिष्ट औषधियों के प्रयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह कृति चालीस वर्षों से होमियोपैथी चिकित्सा से जुड़े एक अत्यन्त अनुभवी एवं सर्वभारतीय यश के धनी चिकित्सक द्वारा लिखित कृति है। हिन्दी में ऐसी रचना दुर्लभ है।
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“आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश का आम आदमी सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा से दूर है। ऐसे में, यह होमियोपैथिक ग्रन्थ आम जनों के चिकित्सा हितों को पुष्ट करते हुए होमियोपैथी के विशिष्ट औषधियों के प्रयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह कृति चालीस वर्षों से होमियोपैथी चिकित्सा से जुड़े एक अत्यन्त अनुभवी एवं सर्वभारतीय यश के धनी चिकित्सक द्वारा लिखित कृति है। हिन्दी में ऐसी रचना दुर्लभ है।
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| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Dr. Pranav Kumar Banarjee (डॉ. प्रणव कुमार बनर्जी) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 150 |
| Year/Edtion | 2012 |
| Subject | Health / Medicine |
| Contents | N/A |
| About Athor | N/A |















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