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Hamare Desh Ke Kaaljayee Vyaktitva (हमारे देश के कालजयी व्यक्तित्व )

Original price was: ₹595.00.Current price is: ₹386.00.

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“यह पुस्तक ताउम्र जीवन के सफ़र में शामिल यादों की दस्तावेज़ है। साहित्य, सिनेमा और राजनीति की महान विभूतियों से जुड़े संस्मरणों में जो युग दर्ज हैं, वो इस तरह कि उन्हें बाँचते अतीत की बात नहीं लगती, लगता है, संगत में जैसे अनसुने निस्वन जी रहे, जी रहे के साथ हो रहे समृद्ध।
पुस्तक में साहित्यिक विभूतियों पर लिखे संस्मरण में निराला पर लिखा अद्भुत और गहरी आत्मीयता से भरे अनुभवों का वह लोक है, जो किसी भी संवेदनशील व्यक्ति का हृदय छू लेगा। लेखिका की निराला से जुड़ी यादें न केवल निराला की महिमामयी शख़्सियत को उकेरती हैं, बल्कि लेखिका के जीवन के उन पलों को भी जीवित करती हैं जो संगीत, कला और संस्कारों से गहरे जुड़े हैं। माखनलाल चतुर्वेदी पर लिखे संस्मरण द्वारा जिस गहरी और संवेदनशील कथा को साझा किया गया है, वह न केवल धर्मवीर भारती के जीवन और संघर्ष को, बल्कि उनकी अन्तरात्मा के जटिल विचारों और संशयों को भी उद्घाटित करती है। महादेवी वर्मा पर संस्मरण एक शिक्षिका के जीवन के महत्त्वपूर्ण मोड़ और उनके साहित्यिक विकास की यात्रा का वर्णन करता है वहीं हरिवंशराय बच्चन वाले संस्मरण में लेखिका ने बच्चन जी की कविताओं के प्रति अपने बचपन और किशोरावस्था की यादें साझा की हैं।
अज्ञेय पर संस्मरण दिलचस्प और गहरी साहित्यिक यात्रा का परिचायक है, जो न केवल अज्ञेय और धर्मवीर भारती के साथ लेखिका के व्यक्तिगत अनुभव को छूती है, बल्कि उस समय के साहित्यिक परिवेश को भी रेखांकित करती है। विद्यानिवास मिश्र वाले संस्मरण में साहित्यिक मित्रता, पारिवारिक रिश्ते और गहरे मानवीय सम्बन्धों की अनमोल झलक मिलती है। मराठी कवि विन्दा करन्दीकर पर लिखे संस्मरण में विन्दा जी की जीवन-यात्रा, उनके व्यक्तित्व और साहित्यिक योगदान का विस्तृत वर्णन किया गया है। श्रीलाल शुक्ल पर लेखिका ने जो संस्मरण लिखा है, वह न केवल श्रीलाल जी के लेखन की प्रक्रिया का दिलचस्प उदाहरण है, बल्कि उनके व्यक्तित्व और रचनात्मकता की भी गहरी झलक प्रदान करता है।
धर्मवीर भारती पर लिखा संस्मरण भारती जी और पुष्पा जी के बीच के एक गहरे भावनात्मक अनुभव को उजागर करता है। इसमें लेखिका ने अपनी युवावस्था, पुराने दोस्तों और साहित्यिक जगत् के साथ अपने सम्बन्धों की यादें भी ताज़ा की हैं। दुष्यन्त कुमार पर लिखे संस्मरण में दुष्यन्त कुमार और धर्मवीर भारती के साथ जुड़ी यादों को साझा किया गया है, जो जितना भावनात्मक, उतना ही सजीव।
इस पुस्तक में सिनेमा से जुड़ी विभूतियों पर लिखे संस्मरणों में लता मंगेशकर पर लिखा सिर्फ़ लता जी के महान स्वर से जुड़ी नहीं, बल्कि उनकी मनमोहक और दिल से हँसी-मज़ाक़ करने वाली शख़्सियत को भी उजागर करता है। जीते-जी कालजयी होने के बावजूद उनका स्वभाव कितना सरल और निःस्वार्थ था, यह अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करता है। वहीं अभिनेता अमिताभ बच्चन पर संस्मरण उस समय को रेखांकित करता है, जब अमित जी ने धर्मवीर भारती के जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक सभा में अपनी यादों और विचारों को साझा किया था। उनकी बातें उनके और धर्मवीर भारती के व्यक्तिगत रिश्ते की गहरी समझ को दिखाती हैं। जावेद अख़्तर वाले संस्मरण में उनके जीवन और उनके साहित्यिक सफ़र की एक गहरी और संवेदनशील विवेचना प्रस्तुत की गयी है। इनके अलावा सत्यदेव दुबे और माया गोविन्द पर भी जीवन्त संस्मरण लिखे गये हैं।
पुस्तक में आज़ादी और राजनीति से जुड़ी विभूतियों पर भी संस्मरण व लेख लिखे गये हैं। उनमें अटलबिहारी वाजपेयी वाले संस्मरण में लेखिका ने वाजपेयी जी के साथ अपनी जिन यादों को साझा किया है, वे दिल को गहरे छूने वाली हैं। उनके व्यक्तित्व की जो छाप उनके सादगीपूर्ण व्यवहार, स्नेह और समझदारी के रूप में लेखिका के जीवन पर पड़ी, वह हमें उनके व्यक्तित्व का एक नया आयाम समझने का अवसर देती है। इनके अलावा सुभाष चन्द्र बोस, जयप्रकाश नारायण, आर. वेंकटरमन पर भी लिखा हुआ अनमोल उपलब्धि की तरह है।
कुल मिलाकर यह पुस्तक यादों की दस्तावेज़ तो है ही, हर एक पाठक के लिए दुर्लभ थाती भी है।

Author

Weight 0.5 kg
Dimensions 22.59 × 14.34 × 1.82 cm
Author

Pushpa Bharti (पुष्पा भारती )

Language

Hindi

Publisher

Vani Prakashan

Pages

260

Year/Edtion

2025

Subject

Memoirs

Contents

N/A

About Athor

"पुष्पा भारती :
11 जून 1935 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जन्म। 1955 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम.ए.।
1956 से कलकत्ता विश्वविद्यालय से सम्बद्ध श्री शिक्षायतन कॉलेज में पाँच वर्ष अध्यापन।
1961 में डॉ. धर्मवीर भारती से विवाह के उपरान्त स्वतन्त्र लेखन-कार्य प्रारम्भ।
रेडियो और दूरदर्शन के लिए विभिन्न कार्यक्रम किये।
भारत सरकार की बालचित्र निर्माण संस्था से जुड़ीं, फ़िल्म सेंसर बोर्ड में नियुक्ति।
न्यूयॉर्क में सम्पन्न विश्व हिन्दी सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी, प्रधानमन्त्री राजीव गांधी के साथ पत्रकार की हैसियत से अनेक देशों की यात्राएँ कीं।
प्रकाशन : ‘रोमांचक सत्य कथाएँ’ (दो भागों में), ‘प्रेम पियाला जिन पिया’, ‘ढाई अक्षर प्रेम के’, ‘सरस संवाद’, ‘सफ़र सुहाने’, ‘आधुनिक साहित्यबोध’, ‘एक दुनिया बच्चों की’, ‘यादें, यादें…और यादें…’ पुस्तकों के अलावा अनेक पुस्तकों का सम्पादन, जिनमें प्रमुख हैं- ‘अक्षर-अक्षर यज्ञ’, ‘धर्मवीर भारती से साक्षात्कार’, ‘मेरी वाणी गैरिक-वसना’, ‘साँस की क़लम से’, ‘धर्मवीर भारती की साहित्य-साधना’, ‘हरिवंशराय बच्चन की साहित्य-साधना’, ‘पुष्पांजलि’ (धर्मवीर भारती के प्रेमपत्र) आदि।
पुरस्कार/सम्मान : 1955 में 'डॉ. राजेन्द्र प्रसाद अखिल भारतीय वाद-विवाद प्रतियोगिता' में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व किया और स्वयं राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद जी के कर-कमलों से प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। 'साहित्य भूषण' (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान); 'भारती गौरव' (भारती पुरस्कार परिषद्, महाराष्ट्र); 'सारस्वत सम्मान' (आशीर्वाद संस्थान); 'साहित्यश्री' (स्वजन सम्मान); 'महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी सम्मान'; 'हिन्दी सेवा सम्मान' (कालिदास अकादमी, उज्जैन); 'चराग़-देर' (ग़ालिब अकादमी, वाराणसी); ‘संस्कृति रत्न' (वाजाल संस्था); 'लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड'-2019 (लिट् ओ फ़ेस्ट)।
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