| समाज के उन सर्वहारा श्रमिकों को जिन्होंने, अन्याय से लड़ते, लहू और पसीने से लथपथ, कभी अपने कंधे न डाले । |
| समाज के उन सर्वहारा श्रमिकों को जिन्होंने, अन्याय से लड़ते, लहू और पसीने से लथपथ, कभी अपने कंधे न डाले । |
| author | Bhagwat Sharan Upadhyaya (भगवतशरण उपाध्याय) |
|---|---|
| publisher | Vani Prakashan |
| language | Hindi |
| pages | 206 |













