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Anuvad Ke Bhashik Paksh (अनुवाद के भाषिक पक्ष)
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साहित्यिक अनुवाद : भाषा और शैली’ अनुसंधान कार्य के समय प्रस्तुत एक लघु शोध प्रबंध है जो एक विशाल- विस्तृत विषय ‘प्रवीकन सिद्धान्त और साहित्यिक अनुवाद’ के अध्ययन क्रम का पहला प्रारंभिक चरण है। प्रेमचंद की चार कहानियों के अंग्रेजी अनुवादों के तुलनात्मक अध्ययन पर आधारित यह कार्य संभवत: अनुवाद – शिक्षण के संदर्भ में उपादेय सिद्ध हो सकेगा। अध्ययन-क्रम में सामने आए प्रश्नों की ओर सुधी पाठकों का ध्यान आकृष्ट करने वाले इस प्रयास में समाधान नहीं है क्योंकि यहाँ कोई एक नियम नहीं बन सकता। अनुवाद के अध्ययन की दिशा में डॉ. रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव की प्रेरणा एवं निर्देश से पहला प्रयास ‘गद्यानुवाद की समस्याएँ’ लेख (अनुवाद : सिद्धान्त और समस्याएँ) था। उसी क्रम में यह दूसरा लघु प्रयास किंचित मात्र भी अनुवाद के अध्ययन- प्रशिक्षण में सहायक सिद्ध हो सका तो श्रमसाध्य यह प्रयास सार्थक होगा।
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Vibha Gupta (विभा गुप्ता) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 120 |
| Year/Edtion | 2013 |
| Subject | Criticism |
| Contents | N/A |
| About Athor | "विभा गुप्ता जन्म : प्रयाग, जनवरी 1943 शिक्षा : (1) एम.ए. हिन्दी, डी.फिल. : 'निराला के काव्य की मूल प्रेरणा और उनका विद्रोही दृष्टिकोण'; प्रयाग विश्वविद्यालय (2) एम. फिल. भाषा विज्ञान, दिल्ली विश्वविद्यालय, लघु शोध प्रबंध : 'निराला की कुछ कविताओं का शैली वैज्ञानिक अध्ययन' (अंग्रेज़ी में) (3) शोधोत्तर अनुसंधान कार्य 'साहित्यिक : अनुवाद : भाषा और शैली'; कमला नेहरू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय। प्रकाशन : अनुवाद, समाज भाषा विज्ञान, रेखाचित्र- संस्मरण संबंधी कुछ शोधपरक आलेख तथा कुछ संस्मरण पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित; 'परिवेश' के प्रकाशचंद गुप्त पर केन्द्रित अंक का सह-संपादन; यादों का कारवां : रूस्तम सैटिन स्मृति अंक की परिकल्पना एवं प्रस्तुति में सहयोग । सम्प्रति : स्नातक, स्नातकोत्तर और एम.फिल. की कक्षाओं में अध्यापन; रीडर, हिंदी विभाग, कमला नेहरू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय |

















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