| ओडिया की जानीमानी कवयित्री प्रतिभा शतपथी को लम्बे समय से पढ़ता रहा हूँ और अधिकतर हिन्दी अनुवाद में। पर उनकी इस नयी कृति ‘तुम्हारे लिए हर बार…’ को देखते हुए सबसे पहले मेरा ध्यान उनके आरम्भिक वक्तव्य पर गया और इस कथन पर खासतौर से मैं रुका- “ईश्वर से टक्कर लेने के लिए मैं लिखती हूँ, साथ-साथ कठोर दंड स्वीकार करने के लिए भी लिखती हूँ। सम्भवतः मेरे लेखन के ये दोनों ही कारण हैं।”
यह एक साहसपूर्ण कथन है और शायद इस कवयित्री के सृजन – कर्म को समझने की कुंजी भी है । इस संग्रह में ऐसी अनेक कविताएँ हैं जिन्हें बार-बार पढ़ा जा सकता है और मैं यह निःसंकोच कह सकता हूँ कि इस कृति के अनुवादक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने इनको हिन्दी में भाषान्तरित करते समय काव्यानुवाद के अपने लम्बे अनुभव का पूरा उपयोग किया है। इसीलिए ये कविताएँ कई बार अपने हिन्दी अवतार में इतनी सहज हैं कि मौलिक की तरह लगती हैं। संग्रह की ‘आँसू’ शीर्षक कविता में ये पंक्तियाँ इस कवयित्री के काव्य-स्वभाव को व्यंजित करने के लिए अच्छा उदाहरण बन सकती हैं- कभी मोती तो कभी – प्रो. केदारनाथ सिंह |
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Pratibha Shatpathi Translated By Rajendra Prasad Mishr (प्रतिभा शतपथी, अनुवाद – राजेन्द्र प्रसाद मिश्र) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 112 |
| Year/Edtion | 2015 |
| Subject | Collection of Poetry |
| Contents | N/A |
| About Athor | "प्रतिभा शतपथी ओडिया की बहुचर्चित कवयित्री। अब तक ओडिया भाषा में दस कविता-संग्रह और चार आलोचना पुस्तकें प्रकाशित। छह पुस्तकों का अंग्रेजी से ओडिया में अनुवाद। ओडिया से हिन्दी में अनूदित चार काव्य-संग्रह 'समय नहीं है', 'शबरी', 'आधा-आधा नक्षत्र' और 'तन्मय धूलि' प्रकाशित। अंग्रेजी में दो काव्य-संग्रह 'ए टाइम ऑफ राइजिंग' एवं 'इफ् लेफ्ट अनसेड एंड अदर पोएम्स' प्रकाशित। विभिन्न साहित्यिक संस्थानों द्वारा देश-विदेश में आयोजित कवि सम्मेलनों व गोष्ठियों में ओडिशा का प्रतिनिधित्व। ओडिशा साहित्य अकादमी, सारला पुरस्कार, 'शाश्वती' राष्ट्रीय पुरस्कार, बंगलौर (कर्नाटक) तथा ओडिया काव्य-संग्रह 'तन्मय धूलि' के लिए वर्ष 2001 के केन्द्र साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित। सम्प्रति : भुवनेश्वर में रहकर ओडिया पत्रिका 'इस्तहार' और काव्य-पत्रिका 'उद्भास' का सम्पादन। सम्पर्क : 1, ग्रीन पार्क, पटिया, स्टेशन रोड, पो.-कीट, भुवनेश्वर, ओडिशा- 751024 मोबाइल : 09438805224 राजेन्द्र प्रसाद मिश्र जन्म : 6 अप्रैल, 1955 रायरंगपुर, मयूरभंज, ओडिशा में। शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी) व पीएच.डी., जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली। विश्व हिन्दी सचिवालय, मॉरीशस में तीन साल के लिए उप महासचिव व महासचिव रहे। एनटीपीसी से महाप्रबन्धक (राजभाषा) के पद से सेवानिवृत्त। एक साल तक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली में एसोसिएट प्रोफेसर (हिन्दी अनुवाद) एवं तीन साल तक बैंक ऑफ बड़ौदा के केन्द्रीय कार्यालय, मुम्बई में हिन्दी अधिकारी के पद पर रहे। अब तक ओडिया से हिन्दी में अनूदित 70 पुस्तकें प्रकाशित। 4 प्रकाशनाधीन। नवें विश्व हिन्दी सम्मेलन, 2012, जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में विश्व हिन्दी सम्मान एवं हिन्दी अनुवाद के लिए वर्ष 1998 के साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित। " |
















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