100% Money back

Search

Need help? 9990860860 Nanhi Shop
Need help? 9990860860 Nanhi Shop

10 in stock

Santal-Sanskar Ki Rooprekha (सन्ताल- संस्कार की रूपरेखा)

350.00517.00

Clear
Compare

Santal-Sanskar Ki Rooprekha (सन्ताल- संस्कार की रूपरेखा)

Author

Weight 0.5 kg
Dimensions 22.59 × 14.34 × 1.82 cm
Author

Umashankar , presentation by Sanjay Krishana (उमाशंकर, प्रस्तुति – संजय कृष्ण )

Language

Hindi

Publisher

Vani Prakashan

Pages

488

Year/Edtion

2023

Subject

History/Social Science

Contents

N/A

About Athor

"उमाशंकर

बिहार के शाहाबाद के शुक्लारा गाँव में 15 सितम्बर, 1920 को जन्मे उमाशंकर का पूरा नाम अखौरी उमाशंकर सहाय था। पर, वे उमाशंकर ही लिखते थे। शिक्षा बी.ए. तक की पढ़ाई की और बिहार वित्त सेवान्तर्गत कोषागार पदाधिकारी पद से अवकाश ग्रहण किया। 25 अगस्त, 1975 को सरकारी सेवा में रहते हुए उनकी साँसें थम गयीं। बीस की उम्र से ही उनका लेखन शुरू हो गया, जो अन्तिम साँस तक जारी रहा। उनकी प्रमुख रचनाओं को देखें तो उनके रचना संसार के वैविध्य का पता चलता है। उनकी रचनाओं में प्रमुख हैं- प्रसाद के चार नाटक, प्रेमचन्द की निर्मला, प्रसाद की राज्यश्री, कलम-शिल्पी महेश नारायण : व्यक्तित्व और कृतित्व, बिहार के सन्त साहित्यकार (आलोचना), ग्राम स्वराज्य राजनीतिक विचारधाराएँ, नागरिक अधिकार, नागरिक कर्तव्य, चीन का सूनो पंजा (राजनीति), हमारे साहित्यिक नेता, हमारे राष्ट्रीय नेता, श्रद्धा के फूल, राजर्षि ( जीवन चरित्र), सन्ताल- संस्कार की रूपरेखा आदि ।

संजय कृष्ण

जन्म : जमानियाँ स्टेशन, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में।
शिक्षा : स्नातकोत्तर हिन्दी, प्राचीन इतिहास एवं एम.जे.एम.सी. । गोपाल राम गहमरी और हिन्दी पत्रकारिता पर शोध-प्रबन्ध। 'जमदग्नि वीथिका' नामक पत्रिका का सम्पादन व प्रकाशन।
कृतित्व : होती बस ऑंखें ही ऑंखें में नागार्जुन पर लम्बा लेख प्रकाशित । हिन्दी पत्रकारिता : विविध आयाम पुस्तक में हिन्दी पत्रकारिता पर शोधपूर्ण लेख संकलित । देश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में सौ से अधिक लेख- रिपोर्ट, समीक्षा आदि प्रकाशित । झारखण्ड के पर्व-त्योहार, मेल और पर्यटन स्थल, झारखण्ड के मेले, गोपाल राम गहमरी की प्रसिद्ध जासूसी कहानियाँ पुस्तकें प्रकाशित। संजीव चट्टोपाध्याय के पालामौ पर हिन्दी में सम्पादन । गोपाल राम गहमरी पर मोनोग्राफ साहित्य अकादमी से। 1953 में प्रयाग से निकलने वाली भारत पत्रिका का महाकुम्भ विशेषांक का पुनः प्रकाशन 'वाणी प्रकाशन ग्रुप' द्वारा हुआ। पटना बिहार से प्रकाशित महावीर पत्रिका का भी पुनःप्रकाशन।
पुरस्कार : केन्द्रीय पर्यटन मन्त्रालय का प्रथम राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार ।
"

Reviews

There are no reviews yet.

Write a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top
Product has been added to your cart