“साहित्यिक विधाएँ : सैद्धान्तिक पक्ष –
‘साहित्यिक विधाएँ : सैद्धान्तिक पक्ष’ एक विनम्र प्रयास है जिससे आने वाली पीढ़ी को सरलतम ढंग से सृजन शक्ति प्रदान की जाये और उन्हें विभिन्न साहित्यिक विधाओं की बुनियादी विशेषताओं और तत्वों के बारे में बताया जाये। इस पुस्तक का मूल उद्देश्य यह भी है कि छात्र अपनी सामर्थ्य से अपनी प्रतिभा को जाग्रत करके सृजनशील हो उठें और स्वयं भी रचना-कर्म में संलग्न हों।
प्रत्येक विधा के सैद्धान्तिक पक्ष के सन्दर्भ में विभिन्न विद्वानों ने जो विचार व्यक्त किये हैं, उन्हें पुस्तक में यथास्थान रखते हुए, बोल-चाल की भाषा में सैद्धान्तिक पक्षों पर प्रकाश डाला गया है।
डॉ. मधु धवन न केवल स्वयं रचनाकार हैं, बल्कि उन्होंने रचना-कर्म के सैद्धान्तिक पक्षों पर शोध भी किया है। इसी वजह से उन्हें रचनात्मकता के सभी पक्षों का प्रत्यक्ष अनुभव भी है, जिसकी छवि प्रस्तुत पुस्तक में बराबर दिखाई देती है। उन्होंने उपन्यास, कहानी, नाटक, एकांकी, रेखाचित्र, जीवनी, संस्मरण, आत्मकथा, साक्षात्कार, यात्रा साहित्य, ललित निबन्ध, आदि विधाओं की बारीकियाँ दिखा कर सृजनशीलता को बाहर लाने के सिलसिले में पाठकों का मार्ग-दर्शन किया है।
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Sahityak Vidhayen Saidhantik Paksh (साहित्यिक विधाएँ सैद्धांतिक पक्ष)
₹100.00
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Dr. Madhu Dhawan (डॉ. मधु धवन) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 80 |
| Year/Edtion | 2008 |
| Subject | Criticism |
| Contents | N/A |
| About Athor | "डॉ. मधु धवन – |














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