10 in stock
Qatara-Qatara (क़तरा-क़तरा)
₹65.00
“उर्दू-शायरी में फ़हमीदा रियाज़ की शायरी एक मुकाम पर है। पाकिस्तान की परवीन शाकिर व किश्वर नाहिद शायराओं ने विश्व शायरी को एक नया मोड़ दिया है। उनकी शायरी का तेवर विश्व की महिला शायरों में गिना जाता है।
उनकी शायरी की एक बानगी गौरतलब है ।
लुकती- छुपती धूप और बादल
ये आकाश के नन्हे बादल
खेल रहे हैं हँसते-हँसते
किलकारी भरते सब्जे को
शोख हवा गुदगुदा रही है
मैं भी अपने पंख झटक कर
पर तोलूँ और भरूँ उड़ानें
अपने बदन में खुद खो जाऊँ
ये तन का आकाश, ये धरती
धीरे-धीरे फैल रहे हैं
और मेरे हाथों के पखेरू
ये चंचल बेचैन परिन्दे
एक अनोखे राज से बेकल
धरती में कुछ ढूँढ़ रहे हैं
”
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Fehmida Riyaz (फ़हमीदा रियाज़) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 78 |
| Year/Edtion | 2010 |
| Subject | Ghazal |
| Contents | N/A |
| About Athor | "फ़हमीदा रियाज़ पाकिस्तानी शायरा फ़हमीदा रियाज़ उर्दू की बहुचर्चित हस्ती हैं। कविता, नज़्म आदि के अलावा इन्होंने काफी संख्या में कहानियाँ भी लिखी हैं। प्रायः भारत आती रहती हैं। जियाउलहक़ के सैनिक प्रशासन के दौरान फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की तरह इन्होंने भी काफी समय तक भारत में शरण ली थी। |
















Reviews
There are no reviews yet.