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Paanch Behatreen Kahaniyan (पाँच बेहतरीन कहानियाँ)

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“पाँच बेहतरीन कहानियाँ –
“पंकज अब रात-बिरात उसके पीछे-पीछे नहीं घूमता। उसके काम निपटने का वह दस बजे तक इन्तज़ार करता, ग्यारह बजे तक करता, फिर खीझकर सो जाता। ऐलर्जी, गैस, कमरदर्द जैसी छिटपुट ज़िद्दी बीमारियों के साथ उलझती शोभा किसी तरह रात बिताती। ताज्जुब था कि ये बीमारियाँ रात में आतीं, दबे पाँव, और दिन में उसे छोड़ जातीं। वह यन्त्र की तरह फिर अपने कामों में लग जाती। …वह अपनी समस्त प्रतिभा मटर-पनीर में झोंककर, सहनशक्ति का सलाद और रचनात्मकता का रायता परोस स्वयं को धन्य मानती।””

Author

Weight 0.5 kg
Dimensions 22.59 × 14.34 × 1.82 cm
Author

Mamta Kalia (ममता कालिया)

Language

Hindi

Publisher

Vani Prakashan

Pages

66

Year/Edtion

2013

Subject

Collection of Short Stories

Contents

N/A

About Athor

"ममता कालिया –
02 नवम्बर, 1940।
वृन्दावन, उत्तर प्रदेश, भारत
व्यवसाय: कवयित्री, लेखिका
भाषा: हिन्दी
राष्ट्रीयता: भारतीय
अवधि/काल: आधुनिक काल
विधा: गद्य और पद्य।

विषय: कहानी, नाटक, उपन्यास, निबन्ध, कविता और पत्रकारिता।
उल्लेखनीय कार्य: अपत्‍नी, दौड़, एक दिन अचानक, मेला, परदेसी, पीठ और दुक्खम्‌-सुक्खम्‌, अन्दाज़-ए-बयां उर्फ़ रवि-कथा।
उल्लेखनीय सम्मान: व्यास सम्मान, साहित्य भूषण सम्मान, यशपाल स्मृति सम्मान, महादेवी स्मृति पुरस्कार, कमलेश्वर स्मृति सम्मान, सावित्री बाई फुले स्मृति सम्मान, अमृत सम्मान, लमही सम्मान, सीता पुरस्कार आदि।
"

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