“पाँच बेहतरीन कहानियाँ –
“अब तक निगम और माया में जो बात होती, सभी के सामने और ख़ूब ऊँचे स्वर में होती थी, परन्तु अब अकेले में करने लायक बात भी हो गयी। असाधारण और विशेष में ही तो सुख होता है। जिसे पाने में कठिनाई हो, वही पाने की इच्छा होती है। अकेले में और दूसरों के कान की पहुँच से परे होने पर निगम कह बैठता— “”वह तस्वीर आपने लौटायी नहीं?””
“














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