“पाँच बेहतरीन कहानियाँ –
“”दुनिया में जन्म लेकर जिस लड़के को बचपन में ही गुमसुम भला आदमी बनना पड़े, कभी-कभी एकदम सोच-विचार को छोड़ कर आज़ादी जिसकी किस्मत में न जुटे, ख़ुश होकर शरारत दिखाना या दुख पाकर रोना, इन दोनों को ही जिसे दूसरे लोगों की असुविधा और नाराज़गी के डर से उस छोटी उम्र में ही सोच-सोचकर दबाकर रखना पड़े, उसके समान दया का पात्र, फिर भी दया पाने में असफल दुनिया में और कौन है!””
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“पाँच बेहतरीन कहानियाँ –
“”दुनिया में जन्म लेकर जिस लड़के को बचपन में ही गुमसुम भला आदमी बनना पड़े, कभी-कभी एकदम सोच-विचार को छोड़ कर आज़ादी जिसकी किस्मत में न जुटे, ख़ुश होकर शरारत दिखाना या दुख पाकर रोना, इन दोनों को ही जिसे दूसरे लोगों की असुविधा और नाराज़गी के डर से उस छोटी उम्र में ही सोच-सोचकर दबाकर रखना पड़े, उसके समान दया का पात्र, फिर भी दया पाने में असफल दुनिया में और कौन है!””
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| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Mrinal Pandey (मृणाल पांडे) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 102 |
| Year/Edtion | 2013 |
| Subject | Collection of Short Stories |
| Contents | N/A |
| About Athor | "रवीन्द्रनाथ टैगोर – |














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