“नहीं, कहीं कुछ भी नहीं –
तसलीमा नसरीन बांग्लादेश की प्रगतिवादी लेखिका हैं जो अपने लेखन में अक्सर ही ऐसे पक्षों को उजागर करती हैं जिन्हें बहुत बार अनदेखा कर दिया जाता है। प्रस्तुत पुस्तक उनकी आत्मकथा का 6वाँ खण्ड है जो उनके सुधि पाठकों के सामने है। इस पुस्तक को उन्होने अपनी माँ को समर्पित किया है जिसमें उनके जीवन के वे क्षण दर्ज हैं जो उन्होंने अपनी माँ को केन्द्र में रख कर लिखे हैं।
”
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Nahin, Kahin Kuchh Bhi Nahin… (नहीं, कहीं कुछ भी नहीं…)
Price range: ₹157.00 through ₹292.00
“नहीं, कहीं कुछ भी नहीं –
तसलीमा नसरीन बांग्लादेश की प्रगतिवादी लेखिका हैं जो अपने लेखन में अक्सर ही ऐसे पक्षों को उजागर करती हैं जिन्हें बहुत बार अनदेखा कर दिया जाता है। प्रस्तुत पुस्तक उनकी आत्मकथा का 6वाँ खण्ड है जो उनके सुधि पाठकों के सामने है। इस पुस्तक को उन्होने अपनी माँ को समर्पित किया है जिसमें उनके जीवन के वे क्षण दर्ज हैं जो उन्होंने अपनी माँ को केन्द्र में रख कर लिखे हैं।
”
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Taslima Nasrin Translated By Sushil Gupta (तसलीमा नसरीन, सुशील गुप्ता द्वारा अनुवादित) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 312 |
| Year/Edtion | 2012 |
| Subject | Autobiography |
| Contents | N/A |
| About Athor | "तसलीमा नसरीन – |















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