100% Money back

Search

Need help? 9990860860 Nanhi Shop
Need help? 9990860860 Nanhi Shop

10 in stock

Jugalbandi (जुगलबन्दी )

47,53,romn 4,5,6, 37, 82

Original price was: ₹675.00.Current price is: ₹472.00.

Clear
Compare

“संगीत में जुगलबन्दी का जादू सर चढ़कर बोलता है। जब मैं अनुवाद पर सोचती हूँ तब मुझे अनुवाद के लिए यही शब्द सबसे सार्थक लगता है। अनुवाद लेखक और अनुवादक के बीच की जुगलबन्दी है…मैत्रीपूर्ण प्रतिस्पर्धा! मूल और अनूदित रचनाएँ–दोनों स्वतन्त्र सर्जनात्मक कृतियाँ हैं, जिनकी साहित्य की दुनिया में अपनी-अपनी जगह है। जुगलबन्दी की तरह साथ-साथ और स्वतन्त्र!

अनुवाद करना मेरे लिए अपने भीतर के कवि से संवाद करने जैसा है। प्रस्तुत पुस्तक में, अंग्रेज़ी की समकालीन अट्ठारह स्त्री-कवियों के परिचय और अनुवाद हैं। जिन कवियों का चयन किया गया, वे अपनी संवेदना, शिल्प और सामाजिक दृष्टि में एकदूसरे से भिन्न हैं; उनकी सामाजिक परिस्थितियाँ अलग हैं; भौतिक उपस्थिति देश-दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक विस्तृत है—इस तरह जो विविधवर्णी संकलन तैयार हुआ उसके माध्यम से हमारे सामने समकालीन अंग्रेज़ी स्त्री-कविता की पूरी तस्वीर बनती है।

इन कविताओं में हिन्दी और अंग्रेज़ी प्रतिद्वन्द्वी भाषाएँ नहीं हैं। उनके ऊपर औपनिवेशिकता का भी कोई दबाव नहीं बल्कि जैसे दो अन्य भारतीय भाषाएँ एक ही संस्कृति, एक ही भाव को अपने में समेटे हुए एक-दूसरे के अगल-बगल खड़ी नज़र आती हैं, वैसे ही यहाँ हिन्दी-अंग्रेज़ी जुगलबन्दी में हैं। जैसे प्रिज़्म से गुज़रती रोशनी अनेक रश्मियों में बिखर जाती है, वैसे ही इस संकलन से गुज़रते हुए पाठक को कविता के कई फॉर्म, कई रूप, कई भाव-बोध एक साथ देखने को मिलेंगे; जो रोचक होंगे और विस्तृत भी; इसी विश्वास के साथ…

Author

Weight 0.5 kg
Dimensions 22.59 × 14.34 × 1.82 cm
Author

Jugalbandi (जुगलबन्दी )

Language

Hindi

Publisher

Vani Prakashan

Pages

204

Year/Edtion

2025

Subject

Poetry Collection

Contents

N/A

About Author

"रेखा सेठी, प्रतिष्ठित आलोचक, सम्पादक तथा अनुवादक हैं। उनकी कुल अट्ठारह पुस्तकें प्रकाशित हैं, जिनमें प्रमुख हैं- स्त्री-कविता : ‘पक्ष और परिप्रेक्ष्य’ तथा स्त्री-कविता : ‘पहचान और द्वन्द्व’; विज्ञापन : ‘भाषा और संरचना’, ‘विज्ञापन डॉट कॉम’, व्यक्ति और व्यवस्था : स्वातन्त्र्योत्तर हिन्दी कहानी का सन्दर्भ, A Place Called Home : Stories by Susham Bedi (सह-सम्पादित), Krishna Sobti: A Counter Archive (सह-सम्पादित), ‘निबन्धों की दुनिया: प्रेमचन्द’ (सम्पादन), ‘समय की कसक’ (अनूदित) आदि। उनके प्रकाशित शोध-पत्रों, साहित्यिक आलेखों, अनुवादों आदि की संख्या सौ से अधिक है।

उन्होंने अनेक राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया तथा शोध-पत्र प्रस्तुत किये। वर्ष 2023 में उन्हें एक सप्ताह के रेज़िडन्सी प्रोग्राम के लिए अमेरिका स्थित ड्यूक विश्वविद्यालय में आमन्त्रित किया गया। वे वातायन यूके की ऑनलाइन शृंखला 'स्मृति और संवाद' की अध्यक्ष हैं और 2023 में ही उन्हें 'वातायन अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा सम्मान' से सम्मानित किया गया।

‘Women's Writings in India: Issues and Perspectives' विषय पर प्रिंसटन विश्वविद्यालय के दक्षिण एशियाई कार्यक्रम की डॉ. फ़ौज़िया फ़ारूक़ी के साथ मिलकर उन्होंने वेब लेक्चर शृंखला का संयोजन किया तथा ड्यूक यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम ‘Indian Literature of Marginalized Society' के अन्तर्गत आयोजित वक्तव्य शृंखला की अध्यक्ष के रूप में अपना सहयोग दिया।
"

Age Group

N/A

Reviews

There are no reviews yet.

Write a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top
Product has been added to your cart