” हीर-राँझा –
हीर-राँझा पंजाब की एक बहुप्रसिद्ध और लोकप्रिय दुखद प्रेम-कहानी है जिसे वारिस शाह ने 1766 में लिखा था। यह हीर सियाल और उसके प्रेमी धीदो राँझा के प्रेम की कहानी के दुखद अन्त का प्रतिरूप है। हीर-राँझा नाटक को मशहूर शायर कैफ़ी आज़मी ने लिखा है।
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