गुनाहों का देवता – धर्मवीर भारती के इस उपन्यास का प्रकाशन और इसके प्रति पाठकों का अटूट सम्मोहन हिन्दी साहित्य-जगत् की एक बड़ी उपलब्धि बन गये हैं। दरअसल, यह उपन्यास हमारे समय में भारतीय भाषाओं की सबसे अधिक बिकनेवाली लोकप्रिय साहित्यिक पुस्तकों में पहली पंक्ति में है। लाखों-लाख पाठकों के लिए प्रिय इस अनूठे उपन्यास की माँग आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी कि इसके प्रकाशन के प्रारम्भिक वर्षों में थी।—और इस सबका बड़ा कारण शायद एक समर्थ रचनाकार की कोई अव्यक्त पीड़ा और एकान्त आस्था है, जिसने इस उपन्यास को एक अद्वितीय कृति बना दिया है
10 in stock
Gunahon Ka Devta by Dharmveer Bharti
₹185.00 – ₹295.00
Save: ₹75.00 (28.8%)
गुनाहों का देवता – धर्मवीर भारती के इस उपन्यास का प्रकाशन और इसके प्रति पाठकों का अटूट सम्मोहन हिन्दी साहित्य-जगत् की एक बड़ी उपलब्धि बन गये हैं। दरअसल, यह उपन्यास हमारे समय में भारतीय भाषाओं की सबसे अधिक बिकनेवाली लोकप्रिय साहित्यिक पुस्तकों में पहली पंक्ति में है। लाखों-लाख पाठकों के लिए प्रिय इस अनूठे उपन्यास की माँग आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी कि इसके प्रकाशन के प्रारम्भिक वर्षों में थी।—और इस सबका बड़ा कारण शायद एक समर्थ रचनाकार की कोई अव्यक्त पीड़ा और एकान्त आस्था है, जिसने इस उपन्यास को एक अद्वितीय कृति बना दिया है
Publisher | Bharatiya Jnanpith |
---|---|
pages | 258 pages |
Binding | Hardcover, Paperback |
Language | Hindi |
Year/Edition | 2024 / 82th |
About Author | "धर्मवीर भारती – निधन: 4 सितम्बर, 1997 ( मुम्बई)। |
Bestsellers
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Tash Ka Desh (Part-6)
(0 Reviews)
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Kankal Tatha Anya Kahaniyan (Part-30)
(0 Reviews)
S.H. Vatsyayan Ajneya Ke Abhibhasahan (H.B. Part-2)
(0 Reviews)
The Power Of An (H.B.)
(0 Reviews)
1857 A Friend In Need 1887 Friendship Forgotten by William Digby
₹300.00 – ₹400.00(0 Reviews)
47,53,romn 4,5,6, 37, 82
Ve Din by Nirmal Verma
(0 Reviews)
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Do Bahan, (Part-50)
(0 Reviews)
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Tash Ka Desh (Part-6)
(0 Reviews)
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Kankal Tatha Anya Kahaniyan (Part-30)
(0 Reviews)
S.H. Vatsyayan Ajneya Ke Abhibhasahan (H.B. Part-2)
(0 Reviews)
The Power Of An (H.B.)
(0 Reviews)
1857 A Friend In Need 1887 Friendship Forgotten by William Digby
₹300.00 – ₹400.00(0 Reviews)
47,53,romn 4,5,6, 37, 82
Ve Din by Nirmal Verma
(0 Reviews)
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Do Bahan, (Part-50)
(0 Reviews)
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Tash Ka Desh (Part-6)
(0 Reviews)