100% Money back

Search

Need help? 9990860860 Nanhi Shop
Need help? 9990860860 Nanhi Shop

10 in stock

Deewar Mein Ek Khirkee Rahati Thi (दीवार में एक खिड़की रहती थी )

47,53,romn 4,5,6, 37, 82

Original price was: ₹295.00.Current price is: ₹208.00.

Clear
Compare

“ऐसे नीरस किंतु सरस जीवन की कहानी कैसी होगी? कैसी होगी वह कहानी जिसके पात्र शिकायत करना नहीं जानते, हाँ! जीवन जीना अवश्य जानते हैं, प्रेम करना अवश्य जानते हैं, और जानते हैं सपने देखना। सपने शिकायतों का अच्छा विकल्प हैं। यह भी हो सकता है कि सपने देखने वालों के पास और कोई विकल्प ही न हो। यह भी हो सकता है कि शिकायत करने वाले यह जानते ही ना हों कि उन्हें शिकायत कैसे करनी चाहिये। या तो यह भी हो सकता है कि शिकायत करने वाले यह मानते ही न हों कि उनके जीवन में शिकायत करने जैसा कुछ है भी! ऐसे ही सपने देखने वाले किंतु जीवन को बिना किसी तुलना और बिना किसी शिकायत के जीने वाले, और हाँ, प्रेम करने वाले पात्रों की कथा है विनोदकुमार शुक्ल का उपन्यास “दीवार में एक खिड़की रहती थी”।

Author

Weight 0.5 kg
Dimensions 22.59 × 14.34 × 1.82 cm
Author

Vinod Kumar Shukl (विनोद कुमार शुक्ल)

Language

Hindi

Publisher

Vani Prakashan

Pages

170

Year/Edtion

2024

Subject

Novel

Contents

N/A

About Author

"विनोदकुमार शुक्ल –

1 जनवरी 1937, राजनांदगाँव (मध्य प्रदेश) में जन्मे श्री विनोदकुमार शुक्ल का पहला कविता संग्रह लगभग जयहिन्द पहचान सीरीज़ के अन्तर्गत 1971 में प्रकाशित हुआ था । उनका दूसरा कविता संग्रह वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह सम्भावना प्रकाशन से 1981 में और वहीं से उनका पहला उपन्यास नौकर की कमीज़ 1979 में छपा। 1988 में पूर्वग्रह सीरीज़ में उनकी कहानियों का संग्रह पेड़ पर कमरा प्रकाशित हुआ। 1992 में कविता संग्रह सब कुछ होना बचा रहेगा प्रकाशित हुआ। उनकी कुछ रचनाओं का मराठी, उर्दू, मलयालम, अंग्रेज़ी और जर्मन भाषाओं में अनुवाद हुआ। उन्हें मध्य प्रदेश शासन की 'गजानन माधव मुक्तिबोध फैलोशिप' 1975-76 में, दूसरे कविता संग्रह के लिए मध्य प्रदेश कला परिषद् का रज़ा पुरस्कार 1981 में, नौकर की कमीज़ को मध्य प्रदेश साहित्य परिषद् का वीरसिंह देव पुरस्कार सन् 1979-80 में, सृजनभारती सम्मान उड़ीसा की वर्णमाला संस्था द्वारा सन् 1992 में, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार एवं भवानी प्रसाद मिश्र पुरस्कार सब कुछ होना बचा रहेगा कविता संग्रह को सन् 1992 में तथा 'शिखर सम्मान' मध्य प्रदेश शासन का 1995 में प्राप्त हुआ। श्री विनोदकुमार शुक्ल रायपुर (मध्य प्रदेश) में निवास करते हैं। जून 1994 से जून 1996 तक निराला सृजनपीठ भोपाल में अतिथि साहित्यकार रहे। निराला सृजनपीठ में रहते हुए इन्होंने खिलेगा तो देखेंगे, दीवार में एक खिड़की रहती थी उपन्यास पूरा किया तथा कुछ कविताएँ भी ।

मैथिलीशरण गुप्त सम्मान 1994-1995 में प्राप्त ।

दिसम्बर 1996 में सेवानिवृत्त ।

"

Age Group

N/A

Reviews

There are no reviews yet.

Write a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Bestsellers

Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Do Bahan, (Part-50)

Original price was: ₹60.00.Current price is: ₹48.00.
(0 Reviews)

Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Tash Ka Desh (Part-6)

Original price was: ₹60.00.Current price is: ₹48.00.
(0 Reviews)

Ve Din by Nirmal Verma

Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹200.00.
(0 Reviews)

Maru Kesari (मरु-केसरी)

Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹130.00.
(0 Reviews)

Seed Production in Field and Horticulture Crops : Nucleus And Breeder

Original price was: ₹5,995.00.Current price is: ₹4,496.00.
(0 Reviews)

Soil Salinity and Alkalinity

Original price was: ₹695.00.Current price is: ₹521.00.
(0 Reviews)

Back to Top
Product has been added to your cart