“सन् 1930 की ‘विचार वीथी’ का परिवर्धित नवसंस्करण हुआ सन् 1939 में ‘चिन्तामणि’ (पहला भाग) के रूप में। ‘पहला भाग’ जोड़ना इसलिए आवश्यक हुआ, क्योंकिशुक्लजी ने अपने सभी निबन्धों को दसी नाम से कई खण्डों में प्रकाशित करने का संकल्प उसी समय कर लिया था।
‘चिन्तामणि’ (पहला भाग) तो आचार्य शुक्ल के जीवन-काल में ही प्रकाशित हो गया था, किन्तु दूसरा भाग उनके दिवंगत होने के पश्चात् सन् 1945 में प्रकाशित हुआ । इसका सम्पादन आचार्य शुक्ल के शिष्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने किया। चूँकि इस दूसरे भाग का संग्रह शुक्ल जी स्वयं कर गये थे । अतः सम्पादन का कार्य नाममात्र का ही रह गया था। सन् 1935 में चौबीसवें हिन्दी साहित्य सम्मेलन की साहित्य परिषद् के सभापति पद से दिये गये आचार्य शुक्ल के भाषण का शीर्षक ‘काव्य में अभिव्यंजनावाद’ आचार्य मिश्र के सम्पादकत्व का ही फल है।
”

Sale
10 in stock
Chintamani – 1 (चिन्तामणि भाग – 1)
Original price was: ₹145.00.₹144.00Current price is: ₹144.00.
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Acharya Ramchandra Shukla (आचार्य रामचन्द्र शुक्ल) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 196 |
| Year/Edtion | 2024 |
| Subject | Essays |
| Contents | N/A |















Reviews
There are no reviews yet.