“आदमखोरों के देश में
भय और रहस्य के वातावरण में गुथी यह कथा किसी यात्रा से कम नहीं। कथापात्र अपनी परिस्थितियों में उलझे हुए हैं लेकिन कर कुछ नहीं पाते। जीवन की पराकाष्ठा में परिस्थितियों का हर वार सहते हुए वे अपनी यात्रा को पूरा करते हैं। कथा एक रोलर कोस्टर सरीखा आनन्द और भय एक साथ प्रदान करेगी। इस किताब को पढ़ना पाठको के लिए अलग अलहदा अनुभव होगा इसमें कोई सन्देह नहीं।
“
“आदमखोरों के देश में
भय और रहस्य के वातावरण में गुथी यह कथा किसी यात्रा से कम नहीं। कथापात्र अपनी परिस्थितियों में उलझे हुए हैं लेकिन कर कुछ नहीं पाते। जीवन की पराकाष्ठा में परिस्थितियों का हर वार सहते हुए वे अपनी यात्रा को पूरा करते हैं। कथा एक रोलर कोस्टर सरीखा आनन्द और भय एक साथ प्रदान करेगी। इस किताब को पढ़ना पाठको के लिए अलग अलहदा अनुभव होगा इसमें कोई सन्देह नहीं।
“
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Jule Barne (जुले बर्न) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 104 |
| Year/Edtion | 2011 |
| Subject | Novel |
| Contents | N/A |
| About Athor | "जूले बर्न – " |
Write a review
Bestsellers
1857 A Friend In Need 1887 Friendship Forgotten by William Digby
₹300.00 – ₹400.00(0 Reviews)
47,53,romn 4,5,6, 37, 82
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Do Bahan, (Part-50)
(0 Reviews)
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Tash Ka Desh (Part-6)
(0 Reviews)
Ve Din by Nirmal Verma
(0 Reviews)
Maru Kesari (मरु-केसरी)
(0 Reviews)
Ravindra Nath Tagore Rachnawali - Tapti (Part-12)
(0 Reviews)
Soney Kaat Na Lagey Hb
(0 Reviews)














Reviews
There are no reviews yet.