“पाँच बेहतरीन कहानियाँ –
“”… नयी शलवार ने उसकी चाल में एक नज़ाकत और एक नया मतवालापन पैदा कर दिया था। उसकी चाल में अभिमान की भावना पैदा हो गयी। फिर उसने एक अनोखी अदा से जो गुल को बहुत प्यारी लगी, अपना सिर गुल के कन्धे पर रख दिया। वे कुछ समय तक इसी प्रकार चलते रहे, बाँहों में बाँहें डाले। दर्जी का घर ओट में छिप गया था। धरती पर चीड़ के पीले-पीले नुकीले झूमर बिछे हुए थे और उनके पाँवों के स्पर्श से रेशम के कपड़ों की भाँति सरसराते थे मानो धरती ने भी नयी शलवार पहन ली थी।””
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