“पुस्तक – मिशन जंगल और गिनीपिग –
यह पुस्तक आज की नौजवान – विचारवान पीढ़ी की नुमाइन्दगी नौजवान करने वाले सौरभ और श्रद्धा तथा अमिय और सुमिता को समर्पित, जो आज को पढ़ते हुए भविष्य के समाज को सँवारेंगे।
अन्तिम पृष्ठ आवरण –
नमिता सिंह शीर्ष महिला कथाकारों में हैं। वे साहित्य में दृष्टि सम्पन्नता के साथ एक सजग और संवेदनशील रचनाकर के रूप में उपस्थित होती हैं। उनके यहाँ नारीवाद का अविवेक नहीं बल्कि समग्रता में सामाजिक प्रश्नों और चुनौतियों का विश्लेषण है। निरन्तर बदल रहे राजनैतिक-सामाजिक परिदृश्य पर उनकी नज़र रहती हैं और उसे वे व्यापक सामाजिक सन्दर्भों में व्याख्यायित करती हैं। उनकी कहानियों में वर्तमान है तो भविष्य के समाज की आहट भी है।
नमिता सिंह की कहानियाँ विविधता से भरपूर हैं। साम्प्रदायिकता, जातिवाद और सामाजिक विघटन के सवाल उनकी कहानियों में प्रमुखता से उभर कर आते हैं। सामाजिक जीवन के अनुभव पूरी कलात्मकता के साथ कहानियों में प्रस्तुत होते हैं। इसीलिए वे अपने समय की सीमाओं का अतिक्रमण करती हैं। सहज मानवीय सम्बन्धों की ऊष्मा और संवेदना की दृष्टि भी प्रदान करती हैं। इस संग्रह में शामिल उनकी दो कहानियों में सिर्फ़ फ़ैन्टेसी नहीं है बल्कि फ़ैन्टेसी के साथ आने वाले कल की धुँधली तस्वीर भी है।
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