“कविता का अशोक पर्व –
यह पुस्तक आधुनिक हिन्दी कविता के सम्भवतः सबसे विवादास्पद कवि-आलोचक अशोक वाजपेयी की कविता एवं उनके आलोचना कर्म पर केन्द्रित है। यह पुस्तक उनके बहुआयामी सर्जक और विचारक व्यक्तित्व के अन्यान्य पहलुओं की तरफ़ भी दृष्टिपात करती है। अतिशय पाठ-कुपाठ के बीच दोलायमान अशोक वाजपेयी के सृजन-कर्म पर सहज रूप से लिखना-पढ़ना एक जोखिम भरा काम है। उनके साहित्य का पाठ कम, अक़सर कुपाठ ज़्यादा होता आया है। हिन्दी के वैचारिक लोकतन्त्र के लिए यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
”
10 in stock
Kavita Ka Ashok Prav (कविता का अशोक पर्व)
Original price was: ₹495.00.₹321.00Current price is: ₹321.00.
“कविता का अशोक पर्व –
यह पुस्तक आधुनिक हिन्दी कविता के सम्भवतः सबसे विवादास्पद कवि-आलोचक अशोक वाजपेयी की कविता एवं उनके आलोचना कर्म पर केन्द्रित है। यह पुस्तक उनके बहुआयामी सर्जक और विचारक व्यक्तित्व के अन्यान्य पहलुओं की तरफ़ भी दृष्टिपात करती है। अतिशय पाठ-कुपाठ के बीच दोलायमान अशोक वाजपेयी के सृजन-कर्म पर सहज रूप से लिखना-पढ़ना एक जोखिम भरा काम है। उनके साहित्य का पाठ कम, अक़सर कुपाठ ज़्यादा होता आया है। हिन्दी के वैचारिक लोकतन्त्र के लिए यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
”
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 22.59 × 14.34 × 1.82 cm |
| Author | Prakash (प्रकाश) |
| Language | Hindi |
| Publisher | Vani Prakashan |
| Pages | 228 |
| Year/Edtion | 2015 |
| Subject | Criticism |
| Contents | N/A |
| About Athor | "प्रकाश – |















Reviews
There are no reviews yet.