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Kamsutra Ki Santanein (कामसूत्र की सन्तानें)

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“बच्चों के हक में सोचते- साचते हम परिवार तक आए हैं, लेकिन परिवार के किसी भी नियोजन में यह पहले से ही सम्मिलित रहता है कि बच्चों की पैदायश वैवाहिक पति से हो और मैथुन विवाह से बाहर न हो । मनुष्य को इतना सभ्य बनना ही है, चाहे वह ब्राह्मण हो, सामन्त हो, या दुनिया का कोई और ।

— भूमिका से”

Author

Weight 0.5 kg
Dimensions 22.59 × 14.34 × 1.82 cm
Author

Dr. Dharamveer (डॉ. धर्मवीर)

Language

Hindi

Publisher

Vani Prakashan

Pages

108

Year/Edtion

2009

Subject

Criticism

Contents

N/A

About Athor

"डॉ. धर्मवीर

जन्म : 9 दिसंबर, 1950

शिक्षा :
एम. ए., बी. एस-सी., पी-एच. डी.,
एम. डी. पी. ए., एम. फिल., डी. लिट्. (सब.)

व्यवसाय :
1980 के बैच के केरल कैडर के आई.ए.एस. अधिकारी ।

रचनाएँ :
• थेरीगाथा की स्त्रियाँ और डॉ. अम्बेडकर 2005
• कामसूत्र की सन्तानें 2005
• प्रेमचन्द : सामन्त का मुन्शी 2005
• कबीर : सूत न कपास 2003
• कबीर के कुछ और आलोचक 2002
• कबीर : डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी का प्रक्षिप्त चिंतन 2000
• कबीर और रामानंद : किंवदंतियाँ 2000
• कबीर : बाज भी, कपोत भी, पपीहा भी 2000
• कबीर के आलोचक 1997
• संत रैदास का निर्वर्ण संप्रदाय (पुरस्कृत) 1990
• अशोक बनाम वाजपेयी : अशोक वाजपेयी 2004
• डॉ. अम्बेडकर के प्रशासनिक विचार 2004
• सीमंतनी उपदेश (सम्पादित), 2004

संप्रति :
सचिव और कमिश्नर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, केरल सरकार, सचिवालय, तिरुवनन्तपुरम।"

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