“दरवाज़ा –
‘दरवाज़ा’ मॉगदॉ सॉबो की तीन सर्वप्रसिद्ध पुस्तकों में से एक है जिसका अनुवाद विश्व की अनेक भाषाओं में हो चुका हैं।
उपन्यास का कथानक लेखिका और उसकी सेविका के इर्द-गिर्द घूमता है। मुख्य पात्र ऐमैरेन्ट्स और लेखिका के बीच कुछ ऐसे सम्बन्ध की कहानी है यह, जो इस रिश्ते के द्वारा ऐमैरेन्ट्स के चरित्र के दर्शन कराती है। हंगरी के, प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्वयुद्ध के बीच के राजनीतिक परिवेश का भी लेखा-जोखा – पाठकों के सम्मुख प्रस्तुत होता है मगर कहानी की धुरी केवल ऐमैरेन्ट्स सैरेदाश के ही चारों ओर घूमती है।
इस पुस्तक का अनुवाद विश्व की पैंतीस भाषाओं में हो चुका है। लेखिका ने इस पर टिप्पणी करते हुए एक जगह लिखा है, ‘मैंने तो यह उपन्यास ऐमैरेन्ट्स का क़र्ज़ चुकाने के लिए लिखा था। मुझे क्या मालूम था कि अपनी झाड़ू से सबके दुख-दर्द साफ़ करने वाली इस महिला का जादू सबके सिर चढ़ कर बोलेगा। अब भी पाठकगण मेरी बालकनी में आ कर उसका घर देखने की माँग करते हैं और वियोला के बारे में प्रश्न करते हैं।’
उपन्यास बहुत रोचक ढंग से लिखा गया है। आशा है पाठकों को भी पसन्द आयेगा। अनुवाद में रह गयी त्रुटियों के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ।
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